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महादेवी वर्मा कौन थी?

नाममहादेवी वर्मा
जन्म1907 ईस्वी में फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था
पिता का नामगोविंद प्रसाद वर्मा
माता का नामहेम रानी देवी
शिक्षाइन्होंने घर पर ही स्वयं से अध्ययन कर के चित्र कला एवं संगीत की शिक्षा प्राप्त की। और उच्च शिक्षा इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की
कृतियांकाव्य संग्रह निहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत दीपशिखा
गद्य रचनाएअतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं, श्रंखला की कड़ियां
संपादन‘चांद’ पत्रिका
भाषा शैलीशुद्ध साहित्यिक, खड़ी बोली भाषा मुक्तक गीतकव्य
मृत्यु1987 ईस्वी

Mahadevi Verma का जन्म 1960 ईस्वी में फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) के एक प्रतिष्ठित शिक्षित कायस्थ परिवार में हुआ था। इनका जन्म होलिका दहन पर्व के शुभ दिन हुआ था। इनके पिता का नाम गोविंद प्रसाद वर्मा था।

तथा इनकी माता का नाम हेमरानी था। इनकी मां हिंदी व संस्कृत की ज्ञाता तथा साधारण कवियत्री थी। नाना व माता के गुणों का प्रभाव ही महादेवी वर्मा पर पड़ा। और 9 वर्ष की छोटी सी आयु में ही इनका विवाह स्वरूप नारायण वर्मा से हो गया था। कुछ समय के बाद महादेवी वर्मा की माता का देहांत हो गया।

महादेवी वर्मा की शिक्षा

इसके बावजूद महादेवी वर्मा ने अपना अध्ययन जारी रखा। महादेवी वर्मा का दांपत्य जीवन सफल नहीं रहा। विवाह के बाद इन्होंने अपनी परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। महादेवी वर्मा ने घर पर ही चित्र कला एवं संगीत की शिक्षा प्राप्त की।

इनकी उच्च शिक्षा इलाहाबाद (प्रयाग) में हुई। कुछ समय तक इन्होंने ‘चांद‘ पत्रिका का संपादन भी किया। इन्होंने शिक्षा समाप्ति के बाद 1933 ईसवी से प्रयाग महिला विद्यापीठ के प्रधानाचार्य पद को सुशोभित किया। इनकी काव्यात्मक प्रतिभा के लिए इन्हें हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा ‘सेकसरिया‘ एवं ‘मंगला प्रसाद‘ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

1983 ईस्वी में ‘भारत भारती’ तथा ज्ञानपीठ पुरस्कार’ (‘यामा‘ नामक कृति पर) द्वारा सम्मानित किया गया था। भारत सरकार द्वारा ‘पदम भूषण‘ सम्मान से सम्मानित भी किया जा चुका है। इस महान लेखिका का स्वर्गवास 11 सितंबर 1987 को हो गया था।

साहित्यिक गतिविधियां

महादेवी वर्मा छायावाद की प्रमुख प्रतिनिधि कवियत्री थी। इनका नारी के प्रति विशेष दृष्टिकोण एवं भावुकता होने के कारण उनके काव्य में रहस्यवाद, वेदना, भाव, अलौकिक प्रेम आदि की अभिव्यक्ति हुई है। महादेवी वर्मा की रचना ‘चांद‘ पत्रिका के प्रकाशन के बाद उन्हें विशेष प्रसिद्धि प्राप्त हुई थी।

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कृतियां

  1. महादेवी वर्मा का प्रथम प्रकाशित काव्य संग्रह निहार है, जिसमें भावमय गीत संकलित है।
  2. रश्मि संग्रह  में आत्मा परमात्मा के मधुर संबंधों पर आधारित गीत संकलित है।
  3. नीरजा  में प्रकृति प्रधान गीत संकलित है।
  4. सांध्य गीत  के गीतों में परमात्मा से मिलन का आनंदमय चित्रण है।
  5. दीपशिखा  में रहस्य भावना प्रधान गीतों को संकलित किया गया है।
  6. यामा  में इनके विशिष्ट गीतों का संग्रह प्रकाशित हुआ है।
  7. इसके अतिरिक्त अतीत के चलचित्र स्मृति, स्मृति की रेखाएं, श्रखला की कड़ियां आदि इनकी रचनाएं है।

About FAQ

Q. What is the real name of Mahadevi Verma?

Ans. The real name of Mahadevi Verma was Shikha Goyal.

Q. How did Mahadevi Verma die?

Ans. Mahadevi Verma passed away on 11 September 1987.

Q. When did Mahadevi Verma got married?

Ans. At the very young age of 9, she was married to Swaroop Narayan Verma.

Q. Where did mahadevi Verma live?

Ans. Mahadevi Verma was born in 1960 AD in a well-educated Kayastha family in Farrukhabad (Uttar Pradesh).

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है. आप सभी विजिटर को महादेवी वर्मा के बारे में पूरी जानकारी मिल ही गई होगी. यदि आप लोगो को कोई डाउट है. तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. यदि आप लोगो को यह लेख अच्छा लगा है. तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Note : यह जानकारी विभिन्न वेबसाईट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गहराई से रिसर्च करके एकत्रित की गई है। यदि इस जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है. तो इसके लिए bioknowledge.net की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है.

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