भारत की मां Mother Teresa भारत के गरीब असहाय लोगो की एक बेहतरीन लीडर थी। जिन्होंने अपना पूरा जीवन हम भारत वासियों के लिए न्योछावर कर दिया था।

ऐसी ही लीडरों की वजह से आज हम गरीब असहाय लोग चैन की सांस ले पा रहे है। नही तो इन अंग्रेजो ने हमे पूरी तरह से गुलाम बनाकर रखा था। लेकिन मदर टेरेसा उभर कर आई।

ओर हम लोगो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हम लोगो को अंग्रेजो से लड़ना सिखाया। मदर टेरेसा ने हम लोगो के लिए मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की स्थापना की थी।

वह एक विदेशी महिला होने के बावजूद भी हम भारतवासी की मदद के लिए हमेशा तत्पर रही है। वह भारत वासियों के लिए जीती थी। नहीं तो आजकल के लोग सिर्फ अपना देखते है। लेकिन मदर टेरेसा उन सभी लोगो से काफी भिन्न थी।

आज इस आर्टिकल में हम Mother Teresa, Mother Teresa Biography in Hindi, Mother Teresa Age, Mother Teresa Death, Mother Teresa Family, Mother Teresa Early Life, Mother Teresa Husband, भारत की मां मदर टेरेसा की पूरी कहानी, & More के बारे में पढेगे.

मदर टेरेसा का जन्म, जन्मस्थान, और फैमिली के बारे में | About Mother Teresa’s Birth, Birthplace, and Family

पूरा नामअंजेज़ो गोंक्से बोजाक्सीउ
नाममदर टेरेसा
प्रसिद्ध हैमिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की स्थापना की है, और मानवता की सेवा की है
जन्म 26 अगस्त 1910, स्कोप्जे, उत्तर मैसेडोनिया
मृत्यु5 सितंबर 1997, कलकत्ता भारत में
पिता का नामनिकोलो बोजाक्सीहु
माता का नामड्रैनाफाइल बोजाक्सीहु

मदर टेरेसा एक मानवता की सेवा करने वाली महिला थी। मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910, स्कोप्जे, उत्तर मैसेडोनिया में एक मध्यम वर्गी परिवार में हुआ था।

मदर टेरेसा का असली नाम अंजेज़ो गोंक्से बोजाक्सीउ था। इनके पिता का नाम निकोलो बोजाक्सीहु था। जो एक व्यवसाई थे। ओर इनकी मां का नाम ड्रैनाफाइल बोजाक्सीहु था। जो एक ग्रहणी थी।

लेकिन जब मदर टेरेसा की उम्र मात्र 8 साल थी। तो इनके पिता की मृत्यु किसी कारणवश हो गई थी। जिससे प्यार परिवार की जिम्मेदारी इनकी मां के ऊपर आ गई थी। मदर टेरेसा अपने परिवार में सबसे छोटी थी।

मदर टेरेसा की पढ़ाई के बारे में | About Mother Teresa’s Education

मदर टेरेसा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्कोप्जे के सरकारी स्कूल से कंप्लीट की थी। ओर आगे की पढ़ा उन्होंने स्कोप्जे के ही प्राइवेट स्कूल से कंप्लीट की थी।

पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद मदर टेरेसा ने लोगो की मदद करने का निर्णय लिया। ओर मदर टेरेसा सिस्टर्स ऑफ़ लौरेटो संस्था से जुड़ गई। क्युकी इस संस्था के लोग गरीब असहाय लोगो की मदद करती थी।

मदर टेरेसा के बारे में | About Mother Teresa Wikipedia

1928 में मदर टेरेसा के सिस्टर्स ऑफ़ लौरेटो संस्था से जुड़ने के बाद उन्होंने सबसे पहले दार्जिलिंग का दौरा किया। ओर वही पर इनका नाम मेरी मदर रखा गया था।

उसके दो साल के बाद 1931 में सिस्टर्स ऑफ़ लौरेटो संस्था द्वारा मदर टेरेसा को भारत कोलकाता भेजा गया। कोलकाता में इन्होंने गरीब असहाय लड़कियों को पढ़ाया। यह स्कूल सिस्टर्स ऑफ़ लौरेटो संस्था द्वारा संचालित था।

ओर 1937 में इन्होंने गरीबों की हालत देखते हुए, अपना पूरा जीवन इनकी सेवा में न्योछबर कर दिया। यही से लोगो ने इन्हे मदर टेरेसा की उपाधि दी। लेकिन इसके बाद भी मदर टेरेसा को एक अड़चन थी।

क्युकी मदर टेरेसा पूर्णतया गरीब और झुग्गी बासिओ की मदद नहीं कर पा रही थी। 10 सितंबर 1946 को मदर टेरेसा ने इस बात पर गौर किया। ओर स्कूल को छोड़कर गरीब और असहाय झुग्गी वासियों की मदद के लिए, शहर शहर गांव गांव मदद करने लगी।

उन्होंने सिस्टर्स ऑफ़ लौरेटो संस्था को छोड़ दिया। ओर गरीबों की मदद के लिए नीली और सफेद साड़ी पहनकर गरीबों की मदद के लिए निकल पड़ी। उन्होंने इसी दौरान चिकित्सा केंद्र चलाए, और कोलकाता की गरीब बस्तियों को उजागर किया।

उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी कार्य में ही लगा दिया था। आज मदर टेरेसा हमारे देश के लिए एक मां है। जिसकी वजह से लोगो को जीने की राह मिली।

क्या मदर टेरेसा शादी शुदा थी? | Was Mother Teresa Married?

मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन गरीब और असहाय लोगो की मदद करने में निकाल दिया था। जिसके कारण उन्होंने शादी नहीं की थी।

मदर टेरेसा द्वारा मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की स्थापना | Missionaries of Charity founded by Mother Teresa

मदर टेरेसा ने 1950 में मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की स्थापना इंडिया में की थी। इस चैरिटी का मुख्य उद्देश्य गरीब लोगो को खाना उपलब्ध करवाना, रहने की जगह उपलब्ध करवाना, पढ़ाई की व्यवस्था करवाना। हर वह काम करना जिसकी जरूरत गरीबों को थी।

उन्होंने जब यह चैरिटी चालू की थी। तो इसमें केवल 13 लोग ही शामिल थे। लेकिन जैसे जैसे इस चैरिटी की उपलब्धि बढ़ती गई। वैसे ही लोग इस चैरिटी से जुड़ने लगे और इस चैरिटी में दान करने लगे जिससे इनकी सारी समस्याएं दूर हो गई।

ओर यह आसानी से हर कोई की मदद करने लगी। इन्होंने 1960 तक इस देश में कालोनी, नर्सिंग होम, स्कूल, क्लिनिक और भी कई प्रकार की सुविधा हम लोगो के लिए की थी। आज मदर टेरेसा के कई देशों में 5000 से अधिक चैरिटी संस्था है।

मदर टेरेसा को दिए गए पुरस्कार | Awards given to Mother Teresa

मदर टेरेसा को अपने महत्वपूर्ण प्रोपकारी काम के लिए बहुत से पुरस्कारों से नवाजा गया है। उन्हे 1962 में उन्हे भारत सरकार द्वारा पदम श्री अवार्ड दिया गया था। ओर 1980 में उन्हे भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

उनके इस परोपकारी कार्य को देखते हुए उन्हे शांति नोबेल पुरस्कार मिला था। जिससे मिलने वाली राशि को उन्होंने सम्पूर्ण अपनी चैरिटी में दान दे दिया था।

मदर टेरेसा की मृत्यु कब और कैसे हुई ? | When and how did Mother Teresa die?

मदर टेरेसा की मृत्यु 5 सितंबर 1997, कलकत्ता भारत में दिल का दौरा पड़ने से 87 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने हमारे देश के गरीब नागरिकों के लिए बहुत कुछ किया है। जिसकी वजह से आज भी उन्हें हम याद करते है।

आज भारतवर्ष उन्हे मदर टेरेसा के नाम से जानते है। आज भी मदर टेरेसा के द्वारा स्थापित की गई संस्था गरीबों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है। आज वह एक अमर भारतीय महिला है। जिन्हे हम कभी नहीं भूल सकते है।

इन्हें भी पढ़े:

About FAQ

Q. What is Mother Teresa most famous for?

Ans. Mother Teresa, the mother of India, was a great leader of the poor helpless people of India. Who had sacrificed his whole life for the people of India.

Q. What did Mother Teresa do for India?

Ans. Mother Teresa founded the Missionaries of Charity in India in 1950. The main objective of this charity is to provide food to poor people, to provide accommodation, to make arrangements for education. To do all the work that the poor needed.

Q. Did Mother Teresa get a Nobel Prize?

Ans. In view of his philanthropic work, he received the Nobel Peace Prize. From which he donated the entire amount to his charity.

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है. आप सभी विजिटर को मदर टेरेसा के बारे में पूरी जानकारी मिल ही गई होगी. यदि आप लोगो को कोई डाउट है. तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. यदि आप लोगो को यह लेख अच्छा लगा है. तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Note : यह जानकारी विभिन्न वेबसाईट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गहराई से रिसर्च करके एकत्रित की गई है। यदि इस जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है. तो इसके लिए bioknowledge.net की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है.

VISIT WEBSITE
Rate this post

Earth Edition

Hello friends, This is Earth Edition Team. And we are professional content writers. We hope you guys liked this article. We have tried our best to give you complete information. If you still have any problems,...

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *