अनाथों की माई कही जाने वाली Sindhutai Sapkal का मंगलवार 4 जनवरी 2022 को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। खबरों के मुताबिक उनका इलाज गैलेक्सी केयर अस्पताल में चल रहा था।

जहा पर उन्होंने अपनी अंतिम सांसे ली थी। सिंधुताई सपकाल का निधन गैलेक्सी केयर अस्पताल में रात 8 बजकर 10 मिनट में हुआ था। एक महीने पहले सिंधुताई ने हर्निया का ऑपरेशन करवाया था।

सिंधुताई ने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों के पालन पोषण में ही बिताए है। सिंधुताई एक NGO चलाती थी। जहा पर वह अनाथ बच्चों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाती थी। उनके एनजीओ के सारे बच्चे उन्हे माई कहकर बुलाते थे।

आज इस आर्टिकल में हम Sindhutai Sapkal Biography in Hindi, Sindhutai Sapkal Age, Sindhutai Sapkal Death, Sindhutai Sapkal Husband, Sindhutai Sapkal Family, Sindhutai Sapkal Wiki & more के बारे में पढेगे.

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सिंधुताई सपकाल कौन थी?

नामसिंधुताई सपकाल
निक नेममाई
प्रसिद्ध हैगरीब और असहाय बच्चो की मां
जन्म14 नवंबर 1948, वर्धा जिला, महाराष्ट्र, भारत में
मृत्यु4 जनवरी 2022, मुंबई में (गैलेक्सी केयर हॉस्पिटल में)
पिता का नामअभिमान
माता का नामममता सपकाल

सिंधुताई सपकाल एक सामाजिक मराठी कार्यकर्ता है। सिंधुताई आज बहुत सी संस्थाओं की ऑनर है। सिंधुताई सपकाल का जन्म 14 नवंबर 1948 को वर्धा जिला महाराष्ट्र में हुआ था। सिंधुताई के पिता का नाम अभिमान था। ओर मां का नाम ममता सपकाल है।

सिंधुताई ने अपने जीवन काल में क्लास चार तक ही पढ़ाई की है। लेकिन उनका जो वर्क है, वह बहुत ही सराहनीय है। उन्हे बहुत से पुरस्कार मिल चुके है। भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री अवार्ड मिल चुका है।

सिंधुताई सपकाल के पति और बच्चो के बारे में

सिंधुताई जब सिर्फ 10 वर्ष की थी। तो उनका विवाह 30 वर्ष के व्यक्ति श्रीहरि सिपकाल से हो गया था। जब उनकी उम्र 20 वर्ष थी। तब तक वह 3 बच्चो की मां बन चुकी थी।

सिंधुताई की संघर्ष भरी जीवन गाथा

जब सिंधुताई मजदूरी करती थी। तो मुखिया ने बहुत से मजदूरों की मजदूरी न देने से परेशान सिंधुताई ने मुखिया की शिकायत जिलाधिकारी से कर दी थी। जिसका बदला लेने के लिए मुखिया ने सिंधुताई के पति श्रीहरि को भड़काया।

श्रीहरि ने मुखिया की बात मानकर अपनी पत्नी सिंधुताई के पेट में लात मारकर उसे और बच्चो सहित घर से बाहर निकाल दिया था। उस समय सिंधुताई के पेट में एक शिशु पल रहा था। सिंधुताई अकेली महिला उस दौर में अकेली भटकती हुई, भीख मांगकर अपने बच्चो का पेट भरती रही।

उन्होंने रेलवे स्टेशन में गाना गाकर भीख मांगी जो उन्हे मिल जाता था, वह उनसे अपने बच्चो को खाना खिला देती थी। न ही उनके पास रहने के लिए घर था। उन्होंने स्टेशन में देखा की बहुत से बच्चे अनाथ है, जिनकी कोई मां नहीं है। तो उन्होंने उन बच्चो की मां बनने का निर्णय लिया।

उन्होंने बहुत समय शमशान में रहकर गुजारे। जो मिल जाता था उसे ही खा लेती थी और बच्चो को खिला देती थी। शमशान में उनकी मुलाकात आदिवासी लोगो से होती है। जिनसे मिलने के बाद उन्होंने निर्णय लिया जो भी अनाथ बच्चे उनके पास आएगा वह उसे गोद ले लेगी।

इन बच्चो का पेट भरने के लिए सिंधुताई ने अपनी सगी बच्ची को श्री दगडुशेठ हलवाई, पुणे, महाराष्ट्र ट्र्स्ट में गोद दे दिया था। सिंधुताई ने जिन बच्चो को गोद लिया वह सारे बच्चे सिंधुताई को माई कहकर बुलाने लगे। जिससे इनका नाम माई हो गया। आज पूरे इंडिया भर में लोग इन्हे माई के नाम से जानते है।

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सिंधुताई के जीवन और परिवार के बारे में

सिंधुताई ने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों को काबिल बनाने में लगा दिया था। उनके एनजीओ में रहने वाले बच्चे आज पढ़ लिखकर विदेशो और देशों का नाम रोशन कर रहे है। इनके एनजीओ से कई बच्चे डॉक्टर, अध्यापक, पुलिस और भी कई बड़ी बड़ी पोस्ट पर काम कर रहे है। ओर बहुत से बच्चो ने खुद का एनजीओ खोल लिया है। सिंधुताई 45 वर्षो से अनाथ बच्चों का लालन पालन पोषण कर रही है।

सिंधुताई माई को 700 से अधिक पुरस्कार मिल चुके है। जिसमे पद्मश्री, अहिल्याबाई होलकर, मदर टेरेसा अवार्ड फॉर सोशल जस्टिस और भी कई पुरस्कार शामिल है। सिंधुताई अभी तक 207 से ज्यादा दामाद पा चुकी है। ओर 36 से अधिक बहुएं पा चुकी है। उनके 1500 से अधिक नाती पोते है।

सिंधुताई के पति 80 साल की उम्र में सिंधुताई के पास रहने के लिए आए थे। तो सिंधुताई ने अपने पति को एक बच्चे की तरह अपनाया है। उन्होंने अपने पति से कहा था। की अब में केवल एक मां हू। ओर में तुम्हे अपने सबसे बड़े बेटे के तौर पर अपनाती हूं। सिंधुताई का सबसे बड़ा बेटा उनके पति को कहते है।

2010 में सिंधुताई के ऊपर एक मराठी फिल्म बनाई गई थी। जिसका नाम “माई सिंधुताई सपकाल” था।

सिंधुताई द्वारा स्थापित किए गए एनजीओ

  1. अभीमान बाल भवन जो वर्धा में है।
  2. गंगाधरबाबा छात्रालय जो गुहा में है।
  3. सन्मति बाल निकेतन जो हडपसर पुणे में है।
  4. माई आश्रम चिखलदरा जो अमरावती में है।
  5. सप्तसिंधु महिला अधर बालसंगोपन आणि शिक्षण संस्था जो पुणे में है।

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About FAQ

Q. Sindhutai Sapkal education?

Ans. Class 4th.

Q. Sindhutai Sapkal movie?

Ans. Mai Sindhutai Sapkal.

Q. Sindhutai Sapkal husband?

Ans. Srihari.

Q. Mamta Sindhutai Sapkal?

Ans. Mamta was Sindhutai’s mother.

Q. Sindhutai Sapkal death?

Ans. Sapkal died of a heart attack on Tuesday 4 January 2022.

Q. Sindhutai Sapkal son?

Ans. Sindhutai is the mother of many children today.

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है. आप सभी विजिटर को Sindhutai Sapkal के बारे में पूरी जानकारी मिल ही गई होगी. यदि आप लोगो को कोई डाउट है. तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. यदि आप लोगो को यह लेख अच्छा लगा है. तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Note : यह जानकारी विभिन्न वेबसाईट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गहराई से रिसर्च करके एकत्रित की गई है। यदि इस जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है. तो इसके लिए bioknowledge.net की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है.

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