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सुमित्रानंदन पंत कौन थे?

नामसुमित्रानंदन पंत
जन्म1900 ईसवी में कौसानी, कुमाऊं (कुर्मांचल)
पिता का नामपंडित गंगाधर पंत
माता का नामश्रीमती सरस्वती देवी
शिक्षाकौसानी के वर्नाक्यूलर स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर, उन्होंने अल्मोड़ा के गवर्नमेंट हाई स्कूल में प्रवेश लिया और उसके तुरंत बाद उन्होंने बनारस से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। तथा स्वयं से अध्ययन करके उन्होंने अंग्रेजी, संस्कृत और बांग्ला साहित्य ज्ञान प्राप्त किया
कृतियांकाव्य रचनाएं वीणा उच्क्ष वास, पल्लव, गुंजन, ग्रंथि, युगांत, युगवाणी, ग्राम्या, स्वर्ण किरण, युगांतर, उत्तरा, चिदंबरा, कला और बूढ़ा चांद, लोकायतन आदि। गीत नाट्य ज्योत्सना, रजत शिखर, उतिमा। उपन्यास हार। कहानी संग्रह पांच कहानियां
उपलब्धियांकला एवं बूढ़ा चांद पर साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया। ‘लोकायतन’ पर सोवियत पुरस्कार दिया गया। ‘चिडंबरा’ पर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया गया। तथा 1961 ईसवी में इन्हे पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया
मृत्यु1977 ईस्वी

Sumitranandan Pant का का जन्म 20 मई, 1900 को हिमालय के सुरम्य प्रदेश कुर्मांचल (कुमाऊं) के कोसान नामक ग्राम में हुआ था। सुमित्रानंदन पंत के पिता का नाम पंडित गंगादत्त पंत था। तथा माता का नाम श्रीमती सरस्वती देवी था।

सुमित्रानंदन पंत की शिक्षा

सुमित्रानंदन पंत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोसानी के वार्नाक्वेलर स्कूल से पूरी की। और उच्च शिक्षा के लिए सुमित्रानंदन पंत ने अल्मोड़ा के राजकीय हाईस्कूल में प्रवेश लिया। और यही पर सुमित्रानंदन पंत ने अपना नाम गुसाईं दत्त से बदलकर सुमित्रानंदन पंत रखा। 1919 ईसवी में यह वनारस गए। और वनारस से इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की।

उसके बाद इलाहाबाद के ‘म्योर सेंट्रल कॉलेज’ में प्रवेश लिया। लेकिन गांधी जी के कहने पर सुमित्रानंदन पंत ने कॉलेज छोड़ दिया, उसके बाद सुमित्रानंदन पंत ने स्वयं से ही अध्यन करके अंग्रेजी , संस्कृत, और बांग्ला साहित्य का गहन अध्यन किया। सुमित्रानंदन पंत की रुचि उपनिषद, दर्शन तथा आध्यात्मिक साहित्य की ओर प्रारंभ से ही थी।

सुमित्रानंदन पंत पंडित शिवाधार पांडे से अत्यधिक प्रेरित होकर। यह इलाहाबाद वापस गए, और ‘रूपाभा‘ पत्रिका का प्रकाशन करने लगे। और बीच में सुमित्रानंदन पंत प्रसिद्ध नर्तक उदयशंकर के संपर्क में आए। और फिर इनका परिचय अरविंद घोष से हुआ। इनके संपर्क में आने के बाद से पंत जी ने अनेक काव्य संकलन ‘स्वर्ण कला‘, स्वर्ण धूलि ‘, ‘उत्तरा‘ आदि प्रकाशित किए।

1950 ईस्वी में सुमित्रानंदन पंत को आकाशवाणी में हिंदी चीफ प्रोड्यूसर बना दिया गया। और फिर साहित्य सलाहकार के पद पर नियुक्त हुए। 1961 ईसवी में इन्हें पदम भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। ‘कला एवं बूढ़ा चांद’ पर इन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया। और ‘लोकायतन‘ पर सोवियत भूमि पुरस्कार दिया गया। तथा ‘चिदंबरा‘ पर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। और 28 दिसंबर 1970 ईस्वी को सुमित्रानंदन पंत की मृत्यु हो गई।

साहित्यिक गतिविधियां

सुमित्रानंदन पंत छायावाद के कवि थे। इन्होंने 7 वर्ष की आयु से ही कविता लिखना प्रारंभ कर दिया था। इनकी प्रथम रचना 1916 ईसवी में आई थी। उसके बाद इनकी काव्य के प्रति रुचि और बढ़ गई। सुमित्रानंदन पंत के काव्य में कोमल भावो की अभिव्यक्ति होने के कारण इन्हें ‘प्रकृति का सुकुमार कवि‘ कहा जाता है।

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कृतियां

सुमित्रानंदन पंत की प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं।

काव्य रचनाएंसन
वीणा1919
उछवास1919
ग्रंथि1920
पल्लव1926
गुंजन1932
युगांत1937
युगवाणी1938
ग्राम्या1940
स्वर्ण किरण1947
युगांतर1948
उत्तरा1949
चिदंबरा1958
कला और बूढ़ा चांद1959
लोकायतन

नीति नाट्य –  ज्योत्सना, रजत शिखर, अतिमा (1955).

उपन्यास – हार (1960).

कहानी संग्रह – पांच कहानियां (1938)

About FAQ

Q. When was Sumitranandan Pant death?

Ans. Sumitranandan Pant died on 28 December 1970 AD.

Q. Where was Sumitra Nandan Pant born?

Ans. Sumitranandan Pant was born on May 20, 1900 in a village called Kosan in the picturesque Himalayan region of Kurmanchal (Kumaon).

Q. When did Sumitranandan pant born?

Ans. Sumitranandan Pant was born on May 20, 1900 in a village called Kosan in the picturesque Himalayan region of Kurmanchal (Kumaon).

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है. आप सभी विजिटर को Sumitranandan pant के बारे में पूरी जानकारी मिल ही गई होगी. यदि आप लोगो को कोई डाउट है. तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. यदि आप लोगो को यह लेख अच्छा लगा है. तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Note : यह जानकारी विभिन्न वेबसाईट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गहराई से रिसर्च करके एकत्रित की गई है। यदि इस जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है. तो इसके लिए bioknowledge.net की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है.

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